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5th से 17th अक्टूबर तक सावधान! दूसरे राज्य के नंबर वाली गाड़ियों पर RTO का कड़ा एक्शन

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5 से 17 अक्टूबर: दूसरे राज्य के नंबर वाली गाड़ी है तो सावधान, RTO की स्पेशल ड्राइव में हो सकती है जब्त

अगर आपकी गाड़ी किसी दूसरे राज्य के नंबर पर रजिस्टर्ड है और आप उसे महाराष्ट्र में लंबे समय से चला रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजेश नार्वेकर ने 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में राज्य के सभी रीजनल और सब-रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को 5 से 17 अक्टूबर 2026 तक स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं। इस ड्राइव में बिना दोबारा रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स चुकाए चल रही बाहरी नंबर की गाड़ियों को डिटेन (जब्त) किया जा सकता है।

यहां हम आपको बता रहे हैं कि ये ड्राइव किस पर लागू होगी, RTO क्या-क्या चेक करेगा, कौन-कौन सुरक्षित है और अगर आपकी गाड़ी दूसरे राज्य के नंबर पर है तो आपको क्या करना चाहिए।

ड्राइव की मुख्य बातें एक नजर में

बिंदु जानकारी
ड्राइव की तारीखें 5 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक
आदेश जारी करने वाले महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजेश नार्वेकर (1 अक्टूबर 2026 का पत्र)
लागू राज्य महाराष्ट्र (नागपुर सहित सभी RTO क्षेत्रों में)
निशाने पर दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड प्राइवेट वाहन जो महाराष्ट्र में 1 साल से ज्यादा समय से चल रहे हैं
कानूनी आधार मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 47; महाराष्ट्र मोटर व्हीकल नियम 1989 का नियम 54
कार्रवाई बिना री-रजिस्ट्रेशन और टैक्स भुगतान के पकड़ी गई गाड़ी डिटेन की जाएगी

किन गाड़ियों पर होगी कार्रवाई?

ये ड्राइव हर बाहरी नंबर वाली गाड़ी पर लागू नहीं होगी। निशाने पर सिर्फ वे प्राइवेट वाहन हैं जो:

  • किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन
  • महाराष्ट्र में 1 साल से ज्यादा समय से नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं, और
  • महाराष्ट्र में दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया गया है और राज्य का रोड टैक्स नहीं चुकाया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि वे दस्तावेजों और अन्य सबूतों से ये सत्यापित करेंगे कि गाड़ी अस्थायी रूप से आई है या लंबे समय से यहीं चल रही है। कुछ वाहन मालिक खुद को अस्थायी आगंतुक बताते हैं, इसलिए RTO टीमें कागजात की गहन जांच करेंगी।

कानून क्या कहता है?

मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 47

इस धारा के तहत, अगर कोई वाहन किसी दूसरे राज्य में 12 महीने से ज्यादा समय तक रखा या चलाया जाता है, तो उसे उस राज्य में दोबारा रजिस्टर करवाना अनिवार्य है और वहां का रोड टैक्स चुकाना होता है।

महाराष्ट्र मोटर व्हीकल नियम 1989 का नियम 54

इस नियम के अनुसार, वाहन मालिक को गाड़ी को राज्य में लाने के 7 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी को इसकी सूचना देनी होती है।

कौन-कौन सुरक्षित है?

अगर आप नीचे दी गई श्रेणी में आते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है:

  • पर्यटक या छोटे ट्रिप पर आए लोग: जो कुछ दिनों या हफ्तों के लिए महाराष्ट्र आए हैं और जल्द वापस जाने वाले हैं।
  • ट्रांजिट में गुजर रहे वाहन: जो राज्य से होकर सिर्फ गुजर रहे हैं।
  • वैध दस्तावेज वाले मालिक: जिनके पास टोल रसीदें, होटल बुकिंग या यात्रा के सबूत हैं जो अस्थायी प्रवास साबित करते हैं।

लेकिन ध्यान रहे — RTO अधिकारी मौके पर दस्तावेज मांगेंगे और गाड़ी कितने समय से शहर में है, ये पूछताछ से तय करेंगे। इसलिए जरूरी कागजात हमेशा गाड़ी में रखें।

पकड़े जाने पर क्या होगा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, बिना री-रजिस्ट्रेशन और टैक्स भुगतान के पाई गई गाड़ियों को डिटेन कर लिया जाएगा। एनफोर्समेंट स्क्वॉड, फ्लाइंग स्क्वॉड, चेक पोस्ट और जॉइंट टीमें तैनात की जाएंगी। खास फोकस महानगरों और औद्योगिक क्षेत्रों, कमर्शियल और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और बड़े पार्किंग स्थलों पर रहेगा। सभी RTO कार्यालयों को कमिश्नर को रोजाना एक्शन रिपोर्ट भेजनी होगी।

पुणे RTO का पिछला रिकॉर्ड

ये कोई पहली कार्रवाई नहीं है। पुणे RTO के आंकड़े बताते हैं कि मामला कितना गंभीर है:

अवधि पकड़े गए मामले लगाया गया जुर्माना वसूली
1 अप्रैल – 15 सितंबर 2026 175 ₹35.77 लाख ₹22.51 लाख (101 मामलों में)
पूरा वित्त वर्ष 2025-26 243 ₹42.79 लाख —

पुणे में कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना, दिल्ली समेत अन्य राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां नियमित रूप से चलती पाई गईं, जिन पर ये जुर्माने लगाए गए।

दूसरे राज्य के नंबर वाली गाड़ी है तो क्या करें?

अगर आप महाराष्ट्र में 1 साल से ज्यादा समय से दूसरे राज्य के नंबर वाली गाड़ी चला रहे हैं, तो ड्राइव से पहले ये कदम उठाएं:

  1. होम-स्टेट RTO से NOC लें: अपने पुराने राज्य के RTO से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लें। इससे पता चलता है कि गाड़ी पर कोई बकाया चालान या कानूनी मामला नहीं है।
  2. महाराष्ट्र में री-रजिस्ट्रेशन करवाएं: NOC के आधार पर महाराष्ट्र के RTO में गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाएं और नया रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
  3. रोड टैक्स चुकाएं: महाराष्ट्र का लागू रोड टैक्स भरें। टैक्स की राशि गाड़ी की कीमत और श्रेणी पर निर्भर करती है।
  4. पुराने राज्य से टैक्स रिफंड का दावा करें: री-रजिस्ट्रेशन के बाद पुराने राज्य में चुकाए गए रोड टैक्स के प्रो-राटा (आनुपातिक) रिफंड के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  5. दस्तावेज अपडेट रखें: RC, इंश्योरेंस, PUC और ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा गाड़ी में रखें। पते में बदलाव हो तो दस्तावेजों में अपडेट करवाएं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ये स्पेशल ड्राइव सिर्फ महाराष्ट्र के लिए घोषित हुई है। दूसरे राज्यों में भी 12 महीने से ज्यादा बाहरी नंबर की गाड़ी चलाने पर धारा 47 के तहत कार्रवाई हो सकती है, लेकिन तारीखें और ड्राइव हर राज्य में अलग होती हैं।
  • जुर्माने और टैक्स की सटीक राशि गाड़ी की श्रेणी, कीमत और संबंधित RTO के नियमों पर निर्भर करती है — अपने नजदीकी RTO से कन्फर्म करें।
  • गाड़ी खरीदते समय ही ये जांच लें कि वो किस राज्य में रजिस्टर्ड है, खासकर सेकंड-हैंड गाड़ी लेते समय।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या ये ड्राइव पूरे भारत में चल रही है?

नहीं। 5 से 17 अक्टूबर 2026 की ये स्पेशल ड्राइव महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आदेश पर सिर्फ महाराष्ट्र में चल रही है। हालांकि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 47 पूरे देश में लागू है।

मैं सिर्फ 2-3 दिन के लिए महाराष्ट्र आया हूं, क्या मेरी गाड़ी जब्त हो सकती है?

नहीं। ड्राइव का निशाना वे वाहन हैं जो 1 साल से ज्यादा समय से महाराष्ट्र में चल रहे हैं। अस्थायी आगंतुकों को अपने यात्रा के सबूत (टोल रसीद, होटल बुकिंग आदि) दिखाने पर कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

गाड़ी डिटेन होने पर क्या होगा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, बिना री-रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स भुगतान के पाई गई गाड़ियों को डिटेन किया जाएगा। गाड़ी छुड़वाने के लिए बकाया टैक्स और जुर्माना चुकाना होगा।

री-रजिस्ट्रेशन में कितना समय लगता है?

ये RTO कार्यालय और दस्तावेजों की पूर्णता पर निर्भर करता है। NOC मिलने के बाद आवेदन करने पर प्रक्रिया आमतौर पर कुछ हफ्तों में पूरी हो जाती है। अपने नजदीकी RTO से समय-सीमा कन्फर्म करें।

क्या पुराने राज्य का रोड टैक्स वापस मिलेगा?

हां। री-रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद पुराने राज्य में चुकाए गए रोड टैक्स के प्रो-राटा रिफंड के लिए आवेदन किया जा सकता है, बशर्ते सभी शर्तें पूरी हों।

नोट: ये जानकारी अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। जुर्माने, टैक्स और प्रक्रिया की सटीक जानकारी के लिए अपने नजदीकी RTO से संपर्क करें।

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